Odisha Board in class 10 School results should be 100 percent OSEPA issued advisory-Inspire To Hire


ओडिशा के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से अगले साल होने वाली कक्षा 10वीं (मेट्रिक) की परीक्षा के लिए राज्य स्कूल और मास एजुकेशन डिपार्टमेंट ने छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 10-14 घंटे तैयारी करने की सलाह दी है, ताकि स्कूलों में परीक्षा का परिणाम 100% आ सके।

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ओडिशा स्कूल एजुकेशन प्रोग्राम अथॉरिटी (OSEPA) ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक लेटर भेजा, जिसमें उन्हें  4 नवंबर को प्रत्येक हाई स्कूल में एक मीटिंग आयोजित करने के लिए कहा गया। इस मीटिंग में छात्रों को अगले साल आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं की फाइनल परीक्षा में अच्छे मार्क्स हासिल करने के लिए टिप्स दिए जाएंगे। बता दें, हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा का आयोजन 20 फरवरी से 4 मार्च के बीच किया जाएगा।

“बोर्ड परीक्षा की तैयारी के कुछ आसान तरीके” शीर्षक वाली ओडिया एडवाइजरी में OSEPA ने कहा कि छात्रों को परीक्षा में अच्छे मार्क्स हासिल करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 10 से 14 घंटे पढ़ाई को देने होंगे। इसी के साथ वह पढ़ाई का एक टाइम टेबल तैयार कर लें।

इसी के साथ एडवाइजरी छात्रों के सोने के समय के बारे में भी बताया गया है। कहा गया है,  “छात्र रात 10 बजे से सुबह 4 बजे या रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच सो सकते हैं। यदि साइंस में 7 विषय हैं और आपको इसे 20 दिनों में कवर करना है। इसलिए हर विषय की तैयारी के लिए दो दिन देने होंगे। ताकि छात्र 14 दिन में  7 विषय कवर कर सकें और बाकी बचे 6 दिनों में रीविजन कर सकें।

परीक्षा के दौरान सही रखें पाचन

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एडवाइजरी में छात्रों के पाचन का भी खास ध्यान रखा गया है। लिखा है,  “छात्रों को परीक्षा के दौरान आसान पाचन के लिए प्रतिदिन 6-8 गिलास गर्म पानी पीना होगा। इसी के साथ बाहर का ज्यादा तेल वाला खाना नहीं न खाएं, क्योंकि इससे छात्रों को नींद आ सकती है। अच्छी नींद के लिए सोने से पहले गर्म दूध या गर्म नींबू पानी पीना सही होगा। वहीं तैयारी के लिए छात्र सैंपल पेपर के प्रश्न पत्र सॉल्व कर सकते हैं”

OSEPA ने लेटर में जिलों से सभी  सेकेंडरी स्कूलों में 100% परिणाम सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रत्येक स्कूल के कम से कम 5% छात्र A1 ग्रेड (90% से अधिक अंक) प्राप्त करें। जिसके लिए छात्रों को तैयारी आज से शुरू कर देनी चाहिए।

स्कूलों को दिए गए टिप्स

स्कूलों को रिजल्ट 100% रहे, इसके लिए भी कुछ टिप्स स्कूल प्रशासन को भी दिए गए हैं। एडवाइजरी के अनुसार,”स्कूल लेवल पर मैथेमेटिक्स, साइंस और इंग्लिश विषयों के लिए 5 स्पेशल कक्षाएं होंगी। स्कूल के प्रिसिंपल और विषय के टीचर इन कक्षाओं के लिए एक टाइम टेबल तैयार करेंगे। इन कक्षाओं में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही हुई तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। आगे लेटर में कहा गया है कि, 100% परिणाम और हाईएस्ट A1 लाने वाले बेस्ट तीन स्कूलों को प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा”

एडवाइजरी की हो रही है आलोचना

स्कूलों को दी गए इस एडवाइजरी की शिक्षाविदों और स्कूल शिक्षकों ने आलोचना की, जिन्होंने कहा कि अधिक मार्क्स और हाईयर पास रेशों की दौड़ में छात्रों पर बोझ पड़ेगा। वह तनाव में आ जाएंगे। इस साल 5.21 लाख छात्रों में से 96 प्रतिशत से अधिक ने मैट्रिक परीक्षा पास की है। जो एक शानदार प्रदर्शन है।

वहीं केंद्रपाड़ा जिले के शिक्षाविद् अधिकारी राधाकांत दाश ने पूछा, कालाहांडी और कोरापुट जैसे जिलों के कई स्कूल टीचर्स की की कमी से स्कू जूझ रहा है। उन जिलों के बच्चे कैसे 100% मार्क्स हासिल करेंगे। इसी के साथ उन्होंने कहा, “ज्यादा मार्क्स के चलते बच्चे तनाव में जा सकते हैं। कक्षा 10वीं के मार्क्स का किसी छात्र की भविष्य की सफलता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है”

वहीं स्कूल और मास एजुकेशन डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, पूरे ओडिशा में 3207 एडेड हाई स्कूल  में 891 हेडमास्टर पद और 34,000 से अधिक TGT टीचर्स के पद खाली हैं।

ओडिशा सेकेंडरी स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के प्रेजिडेंट बंसीधर भुयां ने कहा, “छात्रों को कैसे पढ़ाई करनी चाहिए, इस बारे में स्कूलों को सलाह जारी करने के बजाय, डिपार्टमेंट को पहले टीचर्स की कमी की पुरानी समस्या का समाधान करना चाहिए “

“कई जिलों के स्कूलों में, एक टीचर को मैथेमेटिक्स और साइंस के टीचर के रूप में काम करना पड़ता है क्योंकि सालों से स्कूलों में नया टीचर नियुक्त नहीं किया जाता। इससे एजुकेशन लेवल पर काफी परेशानी होगी है। डिपार्टमेंट को छात्रों को मैट्रिक परीक्षा में ज्यादा मार्क्स प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने के बजाय शिक्षा के स्तर को सुधारना चाहिए”

 

 


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